भारतवर्ष में मॉडर्न Caste सिस्टम
#मॉडर्न_कास्ट_सिस्टम : भारतवर्ष में मॉडर्न Caste सिस्टम का कोई ऐतिहासिक इतिहास और लेखन 1901 के पहले नहीं मिलता , हाँ वर्ण व्यवस्था अवश्य थी अंग्रेजों के शाशन काल में Caste सिस्टम एक आयातित सोच और फलसफा है। आज जो लोग भी आधुनिक लेखक है उनको Caste सिस्टम और वर्ण व्यवस्था में कोई अंतर हैं शायद उससे अवगत नहीं है। भारतवर्ष कि प्राचीनतम और आज तक चलने वाली मूल भाषा संस्कृत है। संस्कृत ग्रंथों में जाति शब्द का कोई उल्लेख नहीं ह , लेकिन अमरकोश के अनुसार जाति शब्द का अर्थ कुछ वन औसधि और सामान्य जन्म भर है । लेकिन क्या सामान्य जन्म से आधुनिक जाति व्यवस्था की व्याख्या संभव है ? अगड़ी पिछड़ी , ऊंची नीची जाति किस भारतीय ग्रंथ से उद्धृत है ? मनुस्मृति से ? जरा प्रमाण दिखाएँ। अगर आज आप कहीं किसी शिक्षा संस्थान मे दाखिला लेते है , या किसी नौकरी के लिए आवेदन देते हैं , तो आप से पूंछा जाता है - आपकी जाति क्या है ? आप लिखते है सामान्य जाति - ब्रामहन क्षत्रिय वैश्य।लेकिन भारतीय ग्रन्थों और परंपरा के अनुसार ये तो वर्ण हुवा करते थे।तो आज जाति कैसे हैं ? कोई व्यतिक्रम , कोई शाजिश , कोई छेडखानी नहीं दिखती...