भगवान है या नहीं
बुद्धिश्च हायते पुंसां नाचैत्तगह समागमात | मध्यस्थेमध्यताम याति श्रेष्ठताम याति चौत्तमे || नारद जी कहते हैं – नन्दभद्र नाम का एक वणिक था | धर्मों के विषय में जो कुछ कहा गया ...
श्री गुरु स्वामी अधीश जी महाराज द्वारा स्थापित धार्मिक संस्थान || भारद्वाज गुरुकुल || मनुज देव भारद्वाज - 09814102666